PM मोदी का अस्पताल दौरा भी फ़र्ज़ी! लोग बोले- कॉन्फ्रेंस हॉल को अस्पताल जैसा बनाकर हुई शूटिंग



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार संवेदनहीनता के आरोप लगते जा रहे हैं। जहां एक तरफ गलवान घाटी में जवानों की शहादत के बाद भी पीएम मोदी ने संवेदनहीन तरीके से कहा था कि हमारी सीमा के अंदर कोई नहीं आया है और वहीं अब जब घायल जवानों को देखने के लिए एक कथित अस्पताल में गए हैं तो आरोप लग रहे हैं कि वो अस्पताल की जगह किसी कॉन्फ्रेंस रूम में ‘इवेंट मैनेजमेंट के तहत’ गए थे।

दरअसल शुक्रवार को अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा किया और उसके बाद गलवान घाटी में घायल हुए जवानों को देखने के लिए कथित तौर पर एक अस्पताल में गए।

जवानों से मिलने के दौरान की जारी की गई तस्वीरों को देखकर तमाम सवाल उठने लगे कि ये अस्पताल है या फिर किसी कॉन्फ्रेंस रूम को अस्पताल जैसा दिखाकर मीडिया के जरिए आम जनता को मैनेज किया जा रहा है।

पीएम मोदी के इस कथित अस्पताल दौरे पर सबसे ज्यादा प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर आ रही हैं, जहां लोग जमकर सवाल उठा रहे हैं।

फेसबुक पर सिद्धार्थ तबिश लिखते हैं-

ये कोई अस्पताल नहीं है.. ये कांफ्रेंस रूम है.. वुडेन फ्लोरिंग देखिये और दीवाल पर वुडेन वर्क देखिये.. कोई भी गैस पाइपलाइन नहीं दिखेगी आपको ऑक्सीजन या किसी के लिए.. और न ही कोई दूसरी अस्पताल की एक भी मशीने.. छत पर लगा ओवरहेड प्रोजेक्टर देखिये.. ये प्रोजेक्टर कॉन्फ्रेंस रूम में लगाया जाता है प्रेजेंटेशन के लिए, अस्पताल में नहीं

आर्मी के इस कांफ्रेंस रूम को अस्पताल का सेट बनाया गया सिर्फ़ शूटिंग के लिए.. अब आप बताएं कि अगर आपको इस लेवल का ऐसा झूठ दिखाया जाए और उसका दिन रात टीवी चैनल महिमामंडन करें तो क्या इस झूठ को झूठ बताना कोई गुनाह है? ये साहब की सत्ता का प्रचार है ना कि हमारी आर्मी या देश का.. कांफ्रेंस रूम को अस्पताल का सेट बना कर बाक़ायदा शूटिंग करना, ये किस तरह की देशभक्ति के अंतर्गत आता है?


कितना फ़ालतू का ये काम है.. कितना वक़्त और कितना ज़्यादा मैन पावर लगा होगा इस सेट को बनाने में.. वो भी सिर्फ़ फ़ोटो शूट के लिए और इसलिए ताकि सत्ता का प्रचार हो सके.. बस.. इस सेट का न तो सेना के मनोबल से कोई लेना देना है और न देश के मनोबल से.. ये सिर्फ़ साहब की आईटी सेल के मनोबल के लिए है और प्रोपोगेंडा गढ़ने के लिए

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अजीत कस्तूरी तंज़ करते हुए लिखते हैं- मोदी जी से जलने वाले लोग कह रहे इस अस्पताल में बोतल टांगने वाला ड्रिप स्टैंड नहीं है,मरीजो के लिए बेड के पास रखने वाला कूड़ादान नहीं है,फर्श लकड़ी का है जो किसी भी अस्पताल में नहीं होता क्योंकि उसको ऐसा बनाया जाता है ताकि धोया जा सके।

अरे यह नहीं है तो क्या हुआ?

प्रोजेक्टर है,पेंटिंग है पोडियम है….अस्पताल नहीं तो क्या कॉन्फ्रेंस हॉल तो है,और मोदी जी के हाथ मे आर्केस्ट्रा वाला माइक तो है ही।

अब मोदी जी इतना भी नहीं कर सकते क्या? देश के लिए।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का जवाब तभी पता चलेगा जब आधिकारिक रूप से कुछ स्पष्ट किया जाएगा, लेकिन ये सवाल बना हुआ है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल की जगह किसी कॉन्फ्रेंस हॉल का दौरा किया था और अगर ऐसा किया तो ये इवेंट मैनेजमेंट के तहत किया है या फिर किसी वाजिब वजह से?

Input: boltahindustan

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